Thursday, September 16, 2021

समय का पालन हमें ईश्वर प्रदत्त सुख सौभाग्य से लाभान्वित करती है।

 समय का पालन हमें ईश्वर प्रदत्त सुख सौभाग्य से लाभान्वित करती है।

*********************** 

      देर से सोकर उठने वाला एक व्यक्ति अपनी विद्या-बुद्धि की बहुत शेखी मार रहा था और अपनी चतुरता का वर्णन करते हुए उपस्थित मित्र के मुँह से अपनी प्रशंसा सुनना चाहता था।

       लेकिन मित्र ने कहा:- "दोस्त! मैं तुमसे 4 घण्टे आगे हूँ। तुम आठ बजे सोकर उठते हो, जबकि मैं चार बजे ही उठकर अपने आवश्यक कार्यों में लग जाता हूँ। तुम बहुत चतुर होने पर भी जितना काम नहीं कर पाते, उससे अधिक मैं समय का सदुपयोग करके पूरा कर लेता हूँ, यद्यपि मैं विद्या-बुद्धि में तुम्हारे समान होने का दावा नहीं करता।"

       आलस्य का अर्थ है, अपने भाग्य का तिरस्कार करना। लापरवाही का अर्थ है, ईश्वर प्रदत्त स्वर्ण सुयोगों को ठुकराना। समय को टालने की आदत एक अभिशाप ही है, जिसका परिणाम अन्ततः बहुत ही दुःखद होता है।

       आलसी और लापरवाह लोग एक प्रकार के भाग्यहीन हैं, जो ईश्वर के द्वारा प्रति-क्षण बरसने वाली कृपा को समेटने में हिचकिचाते रहते हैं।

       जिन्हें हर घड़ी अपने समय की उपयोगिता का ध्यान रहता है, वे न तो आलस्य के गुलाम बनते हैं और न प्रमाद में अपना समय गुजारते हैं। आज का काम आज, अब का काम अब करने की आदत ही किसी मनुष्य को उसके ईश्वर प्रदत्त सुख सौभाग्य से लाभान्वित कर सकती है।

       समय का मूल्य संसार की प्रत्येक कीमती चीज से अधिक है। हर खोई हुई चीज मिल सकती है, पर समय गँवा देने के बाद उसका लौटना किसी भी प्रकार सम्भव नहीं है।

       जो अवसर चूक गया उसके लिए पछताने और हाथ मलने के लिए सिवाय कुछ और शेष नहीं रहता।

( संकलित व सम्पादित)

अखण्ड ज्योति मार्च 1946 पृष्ठ 34

No comments:

Post a Comment