Tuesday, October 12, 2021

दूसरों को कोसने में समय व्यर्थ न करें, बल्कि स्वयं पर भरोसा रखें।

 दूसरों को कोसने में समय व्यर्थ न करें, बल्कि स्वयं पर भरोसा रखें।

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      हर व्यक्ति की अपनी क्षमताएँ व अपने हालात यानी परिस्थितियाँ होती है। न ही हम अपनी परिस्थितियों से भाग सकते हैं और न ही हर तरह की दौड़ में शामिल हो सकते हैं।

       हम दूसरों से अपनी तुलना करते हैं और सदैव उनसे आगे निकलने की होड़ में लगे रहते हैं। पीछे रह जाने का दुःख भी व्यक्ति को परेशान कर देता है, लेकिन इस तरह आगे बढ़ने की हमारी कोशिश कई उम्मीदों का बोझ साथ लिए चलती है और जिस यात्रा में बोझ जितना ज्यादा होता है, वहाँ चाल उतनी ही धीमी हो जाती है। 

      जीवन में रुकावटें कभी भी आ सकती है। सब कुछ ठीक-ठाक होने पर भी कभी-कभी हमें अपने लक्ष्यों को टालना पड़ जाता है, पर दूसरों के साथ तुलना करते हुए जीना हमारी वापसी को मुश्किल बना देता है, क्योंकि दूसरों के जैसा होने की कोशिश हमें अपने जैसा नहीं रहने देती और इसके कारण हम अपने समय और संसाधन का ही नुकसान करते हैं। 

      स्वयं को, हालातों को या दूसरों को कोसने में समय व्यर्थ न करें, बल्कि स्वयं पर भरोसा रखें। दूसरे क्या सोचेंगे, यह सोचने की बजाय जो बेहतर किया जा सकता है उस पर ध्यान दें। जिन्दगी का भी आनन्द लें, धीमी गति से ही सही, हर दिन आगे बढ़ने की कोशिश करें और सदैव नया सीखने के लिए तैयार रहें। कभी हमारे साथ चलने वाले लोग बहुत पिछड़ जाते हैं, तो कभी हम उनके साथ चलने में बहुत पीछे हो जाते हैं। 

      जब ऐसी स्थिति आ जाती है कि हम अपने साथ चलने वालों की गति के साथ आगे नहीं बढ़ पाते, तो उन्हें आगे बढ़ते देख कर मन बहुत परेशान होता है। समय के साथ हमारी जिन्दगी की रफ्तार भी बदलती रहती है।

       कभी ऐसी स्थिति भी आती है, जब हम पहले की रफ्तार के साथ दौड़ नहीं पाते और कभी ऐसी स्थिति आती है,  कि हम उम्मीद से अधिक तेज रफ्तार से आगे बढ़ते जाते हैं। हर समय स्वयं को समय की डेड-लाइन पूरी करने में न उलझाएँ बल्कि अपनी प्रगति की रिपोर्ट अपने मानकों के आधार पर बनाएँ।

       हर समय दौड़ते रहना भी व्यक्ति को जल्दी थका देता है। इसलिए जिन्दगी के हर छोटे-बड़े मोड़ पर एक बार रुक कर अपने लक्ष्य की ओर जरूर देखें और समीक्षा करें, कि हमारी यात्रा सही चल रही है नहीं?

       जरूरत पड़े तो नए लक्ष्य बनाएँ और साथ ही नई योजनाएँ भी। हम सदैव नए ढंग से काम करने के लिए तैयार रहें, तो हमारा हर दिन बेहतर सिद्ध होगा।

( संकलित व सम्पादित)

- अखण्ड ज्योति मई 2018 पृष्ठ 54

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